Skip to main content Skip to search Skip to main navigation

Dr Zakir Naik Vs Sri Sri Ravi Shankar Debate Full In Hindi [better] Instant

उन्होंने हिंदू ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि ईश्वर वह है जो पैदा करता है (ब्रह्मा), पालता है (विष्णु), और नष्ट करता है (शिव), और यह सब एक ही सत्ता (ईश्वर) के कार्य हैं।

यहाँ दोनों विद्वानों के बीच हुए संवाद के प्रमुख बिंदु दिए जा रहे हैं:

उम्मीद है, यह लेख आपको इस महत्वपूर्ण बहस के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करेगा।

ईश्वर सर्वव्यापी है और हर कण में मौजूद है (अद्वैत)।

उत्तर: इस बहस का कोई 'विजेता' या 'पराजित' नहीं था, बल्कि यह दोनों धर्मों की आध्यात्मिक और दार्शनिक समानता को समझने का एक प्रयास था। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi

"पवित्र ग्रंथों के प्रकाश में हिंदू धर्म और इस्लाम में ईश्वर की अवधारणा" (The Concept of God in Hinduism and Islam in the Light of Sacred Scriptures). Palace Grounds, Bangalore, India.

नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है, जो उपलब्ध ऐतिहासिक वीडियो साक्ष्यों पर आधारित है। If you'd like, I can: of the debate

आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धर्मग्रंथों के शाब्दिक विवादों में पड़ने के बजाय मनुष्य को प्रेम, शांति और मानवीय मूल्यों को अपनाना चाहिए। पालता है (विष्णु)

While the original debate was in English, many platforms offer versions with :

इस बहस का मुख्य विषय "पवित्र ग्रंथों के प्रकाश में इस्लाम और हिंदू धर्म में ईश्वर की अवधारणा" ( The Concept of God in Islam and Hinduism in the Light of Sacred Scriptures ) था। यह संवाद वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय रहा है क्योंकि इसमें दो अलग-अलग विचारधाराओं के प्रमुख प्रतिनिधि आमने-सामने थे।

"हिंदू और मुसलमानों के सोचने के तरीके में केवल एक छोटे से एपोस्ट्रोफे ('s) का अंतर है। हिंदू सोचते हैं कि सब कुछ भगवान है (Everything God) - सूर्य, चंद्रमा, तारे, पानी, सांप और पृथ्वी। दूसरी ओर, मुसलमान सोचते हैं कि सब कुछ भगवान का है (Everything is God's creation)। इसलिए दोनों के बीच का अंतर सिर्फ इस स्वामित्व के नजरिए का है।" *

यह बहस दर्शाती है कि भारत जैसे बहु-धार्मिक देश में विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन शायद उस माहौल में है जहाँ कटुता के बावजूद (जैसा कि श्री श्री ने किया) संवाद जारी रहता है। और नष्ट करता है (शिव)

उसके जैसा ब्रह्मांड में कोई दूसरा नहीं है।

There have been claims that the video was edited or that attempts were made to keep it offline due to the charged nature of the discussion.

श्री श्री रवि शंकर ने तर्क दिया कि ग्रंथों को प्रतीकात्मक रूप में समझना चाहिए और वे विभिन्न सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ हैं, न कि केवल शाब्दिक आदेश। उन्होंने प्रेम, मानवता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान पर अधिक जोर दिया।

दोनों विद्वानों का मुख्य वक्तव्य डॉ. जाकिर नाइक का पक्ष